yunhi dil se

सोच बदलने से ही समाज बदलेगा‏

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drneelammahendra


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भगवान तो छोड़िये क्या इंसान भी कहलाने लायक है यह !

Posted On: 17 Sep, 2016  
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Social Issues में

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किस हद तक गिरेंगे आप

Posted On: 5 Sep, 2016  
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ये कहाँ आ गए हम ?

Posted On: 27 Aug, 2016  
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याद करो कुर्बानी

Posted On: 7 Aug, 2016  
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भारतीय राजनीति के रंगमंच मायावती जी लड़ाई अब माँ से है

Posted On: 24 Jul, 2016  
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जुल्म तो हमारी सेना पर हो रहा है

Posted On: 17 Jul, 2016  
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कौन थमा रहा है हाथों में बंदूकें

Posted On: 9 Jul, 2016  
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क्यों ना भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा भी लगाते?

Posted On: 30 Jun, 2016  
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समाज में बदलाव भाषणों से नहीं जमीनी स्तर पर काम करने से आता है।।पानी से ही धरती का पेट भरता हैं जिस दिन हम उसका पेट भरने के उपाय खोज लेंगे हमारी नदियाँ हमारे खेत सब भर जाँएगे ।हम धरती को जितना देते हैं वह उसे कई गुना कर के लौटाती है इस बात को उस किसान से बेहतर कौन समझ सकता है जो कुछ बीज बोकर कई गुना फसल काटता है।जब हम धरती का ख्याल नहीं रखेंगे तो धरती हमारा ख्याल कैसे रखेगी? आदरणीया डॉ. महेंद्र, आपने बड़े शोध के साथ इस आलेख को प्रस्तुत किया है. यह बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है बशर्ते की इसे अमल में लाया जाय! आपने अधिक से अधिक हिंदी शब्दों का प्रयोग किया है जिससे लेख में रोचकता और सरसता भी है. बहरहाल आपको मिले साप्ताहिक सम्मान की बधाई! आपके इस आलेख पर कई प्रतिक्रियाएं पडी है एक बार धन्यवाद ज्ञापन तो करना ही चाहिए न! आखिर हम लेख पाठकों के लिए ही लिखते हैं न!

के द्वारा: jlsingh jlsingh

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